आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष
6 दिसंबर 2026 का पंचांग
रविवार · मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी
6 दिसंबर 2026, रविवार को मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी है, 7 दिसंबर, रात 2:23 तक; उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र स्वाती है, दोपहर 1:38 तक। सूर्योदय सुबह 7:00 और सूर्यास्त शाम 5:24। राहु काल शाम 4:06 से शाम 5:24 तक है। इस दिन प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
6 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी7 दिसंबर, रात 2:23 तक, फिर चतुर्दशी
- नक्षत्र
- स्वातीदोपहर 1:38 तक, फिर विशाखा
- योग
- शोभनसुबह 7:42 तक, फिर अतिगंड
- करण
- गरदोपहर 1:35 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- सूर्योदय
- सुबह 7:00
- सूर्यास्त
- शाम 5:24
- चंद्रोदय
- सुबह 4:29
- चंद्रास्त
- दोपहर 3:15
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:24 से सुबह 6:12 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:33 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:56 से दोपहर 2:38 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:06 से शाम 5:24 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:12 से दोपहर 1:30 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:48 से शाम 4:06 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
हिकायत सेरी राम
मलय · उनतालीस में से एक
मलय में लिखी रामकथा, हिकायत सेरी राम। हिकायत यानी सुनाई जाने वाली कहानी, इसलिए यह गद्य में है। यहाँ हनुमान सेरी राम के अपने बेटे हैं, और सीता सिति देवी। इसकी सबसे पुरानी पोथी 1633 से पहले की है, और केलंतान के छाया नाटक में इसके प्रसंग आज भी खेले जाते हैं।