आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष
4 दिसंबर 2026 का पंचांग
शुक्रवार · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी
4 दिसंबर 2026, शुक्रवार को मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी है, रात 11:45 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र हस्त है, सुबह 10:23 तक। सूर्योदय सुबह 6:58 और सूर्यास्त शाम 5:24। राहु काल सुबह 10:53 से दोपहर 12:11 तक है। इस दिन उत्पन्ना एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
4 दिसंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशीरात 11:45 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- हस्तसुबह 10:23 तक, फिर चित्रा
- योग
- आयुष्मानसुबह 8:24 तक, फिर सौभाग्य
- करण
- बवसुबह 11:21 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कन्यासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- सूर्योदय
- सुबह 6:58
- सूर्यास्त
- शाम 5:24
- चंद्रोदय
- रात 2:34
- चंद्रास्त
- दोपहर 2:08
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:22 से सुबह 6:10 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:50 से दोपहर 12:32 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:55 से दोपहर 2:37 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:53 से दोपहर 12:11 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:48 से शाम 4:06 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:17 से सुबह 9:35 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
रामचंद्र चरित पुराण
कन्नड़ · उनतालीस में से एक
कन्नड़ की सबसे पुरानी बची हुई रामकथा, जैन परंपरा की, जिसे नागचंद्र ने लगभग 1100 ईस्वी में रचा। नागचंद्र को अभिनव पंप यानी नए पंप कहा गया, इसलिए इसे पंप रामायण भी कहते हैं। यहाँ रावण को लक्ष्मण मारते हैं, और रावण एक दुखी नायक है।