आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक
12 नवंबर 2026 का पंचांग
गुरुवार · कार्तिक शुक्ल तृतीया
12 नवंबर 2026, गुरुवार को कार्तिक शुक्ल तृतीया है, शाम 6:10 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र ज्येष्ठा है, दोपहर 2:19 तक। सूर्योदय सुबह 6:41 और सूर्यास्त शाम 5:29। राहु काल दोपहर 1:26 से दोपहर 2:47 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
12 नवंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक शुक्ल तृतीयाशाम 6:10 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- ज्येष्ठादोपहर 2:19 तक, फिर मूल
- योग
- सुकर्मा13 नवंबर, सुबह 4:27 तक, फिर धृति
- करण
- गरशाम 6:10 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:41
- सूर्यास्त
- शाम 5:29
- चंद्रोदय
- सुबह 9:26
- चंद्रास्त
- रात 7:33
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:05 से सुबह 5:53 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:53 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:26 से दोपहर 2:47 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:41 से सुबह 8:02 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:23 से सुबह 10:44 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
महाभारत, रामोपाख्यान
संस्कृत · उनतालीस में से एक
महाभारत के वन पर्व में आई छोटी रामकथा, जिसे मार्कंडेय ऋषि युधिष्ठिर को सुनाते हैं। पूरी कथा सात सौ चार श्लोकों में आ जाती है।