आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · कार्तिक
11 नवंबर 2026 का पंचांग
बुधवार · कार्तिक शुक्ल द्वितीया
11 नवंबर 2026, बुधवार को कार्तिक शुक्ल द्वितीया है, दोपहर 3:54 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र अनुराधा है, सुबह 11:38 तक। सूर्योदय सुबह 6:40 और सूर्यास्त शाम 5:30। राहु काल दोपहर 12:05 से दोपहर 1:26 तक है। इस दिन भाई दूज है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
11 नवंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक शुक्ल द्वितीयादोपहर 3:54 तक, फिर तृतीया
- नक्षत्र
- अनुराधासुबह 11:38 तक, फिर ज्येष्ठा
- योग
- अतिगंड12 नवंबर, रात 3:41 तक, फिर सुकर्मा
- करण
- कौलवदोपहर 3:54 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:40
- सूर्यास्त
- शाम 5:30
- चंद्रोदय
- सुबह 8:31
- चंद्रास्त
- शाम 6:43
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:04 से सुबह 5:52 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:27 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:53 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:05 से दोपहर 1:26 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:02 से सुबह 9:23 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:44 से दोपहर 12:05 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
कूर्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
छाया वाली सीता की कथा का पुराना स्रोत। रावण के आने पर अग्नि असली सीता को अपने पास रख लेते हैं, और रावण उनकी छाया ले जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में यही छाया आगे वेदवती से जुड़ती है। यह विचार अध्यात्म रामायण और मानस तक पहुँचा।
