आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · आश्विन
18 अक्टूबर 2026 का पंचांग
रविवार · आश्विन शुक्ल सप्तमी
18 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन शुक्ल सप्तमी है, सुबह 8:29 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, दोपहर 12:49 तक। सूर्योदय सुबह 6:24 और सूर्यास्त शाम 5:49। राहु काल शाम 4:23 से शाम 5:49 तक है। इस दिन काति बिहू, तुला संक्रांति है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
18 अक्टूबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन शुक्ल सप्तमीसुबह 8:29 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ादोपहर 12:49 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
- योग
- सुकर्मारात 11:56 तक, फिर धृति
- करण
- वणिजसुबह 8:29 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- धनुसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:24
- सूर्यास्त
- शाम 5:49
- चंद्रोदय
- दोपहर 1:06
- चंद्रास्त
- रात 11:32
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:48 से सुबह 5:36 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:00 से दोपहर 2:46 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:23 से शाम 5:49 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:06 से दोपहर 1:32 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:57 से शाम 4:23 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
कण्णस्स रामायणम्
मलयालम · उनतालीस में से एक
मलयालम की उस दौर की रामकथा जिसे निरणम के राम पणिक्कर ने चौदहवीं सदी में रचा, और जिसे कण्णस्स रामायणम् कहते हैं। एषुत्तच्छन से यह पुरानी है, और इसी तरह की रचनाओं ने उस भाषा को कथा कहने लायक बनाया। यह काम निरणम वाले कवियों के नाम से जाना जाता है।
