आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · आश्विन
17 अक्टूबर 2026 का पंचांग
शनिवार · आश्विन शुक्ल सप्तमी
17 अक्टूबर 2026, शनिवार को आश्विन शुक्ल सप्तमी है, 18 अक्टूबर, सुबह 8:29 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र मूल है, सुबह 9:47 तक। सूर्योदय सुबह 6:23 और सूर्यास्त शाम 5:50। राहु काल सुबह 9:15 से सुबह 10:41 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
17 अक्टूबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन शुक्ल सप्तमी18 अक्टूबर, सुबह 8:29 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- मूलसुबह 9:47 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा
- योग
- अतिगंडरात 11:03 तक, फिर सुकर्मा
- करण
- गरशाम 7:12 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- धनुसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:23
- सूर्यास्त
- शाम 5:50
- चंद्रोदय
- दोपहर 12:23
- चंद्रास्त
- रात 10:35
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:47 से सुबह 5:35 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:01 से दोपहर 2:47 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:15 से सुबह 10:41 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:32 से दोपहर 2:58 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 6:23 से सुबह 7:49 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
अध्यात्म रामायण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
दर्शन की तरफ़ झुकी हुई कथा, जो शिव पार्वती के संवाद के रूप में चलती है। यहाँ राम ब्रह्म हैं और सीता माया, इसलिए द्वार पर रोकने वाली भी पहले से जानती है कि जनक के घर जन्मी योगमाया हैं। इसका सुंदरकांड पाँच सर्गों का है।