आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक
8 नवंबर 2027 का पंचांग
सोमवार · कार्तिक शुक्ल दशमी
8 नवंबर 2027, सोमवार को कार्तिक शुक्ल दशमी है, 9 नवंबर, सुबह 7:35 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र शतभिषा है, 9 नवंबर, रात 3:14 तक। सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 5:31। राहु काल सुबह 8:00 से सुबह 9:21 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
अगला त्योहार: देवउठनी एकादशी · इगास बग्वाल, 10 नवंबर 2027, बुधवार।
पंचांग
8 नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक शुक्ल दशमी9 नवंबर, सुबह 7:35 तक, फिर एकादशी
- नक्षत्र
- शतभिषा9 नवंबर, रात 3:14 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
- योग
- ध्रुवरात 11:33 तक, फिर व्याघात
- करण
- तैतिलशाम 6:33 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:38
- सूर्यास्त
- शाम 5:31
- चंद्रोदय
- दोपहर 1:59
- चंद्रास्त
- रात 1:03
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:02 से सुबह 5:50 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:54 से दोपहर 2:37 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 8:00 से सुबह 9:21 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 1:26 से दोपहर 2:48 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
हनुमान चालीसा
अवधी · उनतालीस में से एक
चालीस चौपाइयों की वह छोटी रचना जो रोज़ पढ़ी जाती है। उसमें इस पूरी रात की बातें गिनी चुनी पंक्तियों में याद कर ली गई हैं, और बहुत से लोग इस रात को इन्हीं पंक्तियों से जानते हैं।