आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक
24 अक्टूबर 2027 का पंचांग
रविवार · कार्तिक कृष्ण नवमी
24 अक्टूबर 2027, रविवार को कार्तिक कृष्ण नवमी है, सुबह 7:54 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र आश्लेषा है, शाम 5:42 तक। सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 5:43। राहु काल शाम 4:19 से शाम 5:43 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
24 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक कृष्ण नवमीसुबह 7:54 तक, फिर दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषाशाम 5:42 तक, फिर मघा
- योग
- शुभशाम 5:47 तक, फिर शुक्ल
- करण
- गरसुबह 7:54 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)आश्विन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:27
- सूर्यास्त
- शाम 5:43
- चंद्रोदय
- रात 12:44
- चंद्रास्त
- दोपहर 2:16
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:51 से सुबह 5:39 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:58 से दोपहर 2:43 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:19 से शाम 5:43 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:05 से दोपहर 1:30 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:54 से शाम 4:19 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
ककविन रामायण
पुरानी जावानी · उनतालीस में से एक
जावा की सबसे पुरानी रामकथा, नौवीं सदी के अंत में मध्य जावा में लिखी गई, छब्बीस सर्गों की। यह वाल्मीकि से नहीं, भट्टिकाव्य नाम की संस्कृत रचना से ली गई है, और लगभग दो तिहाई उसी के पास चलती है, फिर अपने रास्ते। पूर्वी जावा के पनातरन मंदिर की दीवारों पर इसी कथा के दृश्य खुदे हैं।