आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · कार्तिक
21 अक्टूबर 2027 का पंचांग
गुरुवार · कार्तिक कृष्ण षष्ठी
21 अक्टूबर 2027, गुरुवार को कार्तिक कृष्ण षष्ठी है, दोपहर 1:43 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र आर्द्रा है, रात 9:33 तक। सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 5:46। राहु काल दोपहर 1:31 से दोपहर 2:56 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
21 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- कार्तिक कृष्ण षष्ठीदोपहर 1:43 तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- आर्द्रारात 9:33 तक, फिर पुनर्वसु
- योग
- शिव22 अक्टूबर, रात 2:11 तक, फिर सिद्ध
- करण
- वणिजदोपहर 1:43 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- कार्तिक (पूर्णिमांत)आश्विन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मिथुनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:25
- सूर्यास्त
- शाम 5:46
- चंद्रोदय
- रात 10:30
- चंद्रास्त
- दोपहर 12:02
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:49 से सुबह 5:37 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:59 से दोपहर 2:44 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:31 से दोपहर 2:56 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:25 से सुबह 7:50 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:16 से सुबह 10:41 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
यम ज़ातदो
बर्मी · उनतालीस में से एक
बर्मा की रामकथा, जिसका नाम यम ज़ातदो है, यानी राम की जातक कथा। बर्मा में यह कथा मंच की कथा है, और वहाँ के लोग इसे अपनी जातक कथाओं में गिनते हैं। लिखे हुए पाठ से ज़्यादा यह खेली जाने वाली कथा है।