आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आश्विन
2 अक्टूबर 2027 का पंचांग
शनिवार · आश्विन शुक्ल तृतीया
2 अक्टूबर 2027, शनिवार को आश्विन शुक्ल तृतीया है, 3 अक्टूबर, रात 2:09 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र स्वाती है, 3 अक्टूबर, रात 12:04 तक। सूर्योदय सुबह 6:14 और सूर्यास्त शाम 6:06। राहु काल सुबह 9:12 से सुबह 10:41 तक है। इस दिन गांधी जयंती है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
2 अक्टूबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन शुक्ल तृतीया3 अक्टूबर, रात 2:09 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- स्वाती3 अक्टूबर, रात 12:04 तक, फिर विशाखा
- योग
- वैधृतिदोपहर 3:42 तक, फिर विष्कंभ
- करण
- तैतिलदोपहर 2:46 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कन्या
- सूर्योदय
- सुबह 6:14
- सूर्यास्त
- शाम 6:06
- चंद्रोदय
- सुबह 8:25
- चंद्रास्त
- शाम 7:20
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:38 से सुबह 5:26 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:47 से दोपहर 12:34 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:09 से दोपहर 2:57 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:12 से सुबह 10:41 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:39 से दोपहर 3:08 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 6:14 से सुबह 7:43 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
रामचरितमानस
अवधी · उनतालीस में से एक
अवधी में तुलसीदास की रचना, जो उत्तर भारत में सबसे ज़्यादा पढ़ी और गाई जाती है। यहाँ कथा भक्ति की तरफ़ झुकती है: हनुमान मच्छर जितने छोटे होते हैं, विभीषण का घर तुलसी से पहचाना जाता है, और लौटने से पहले विदा लेना उतना ही ज़रूरी है जितना लंका जलाना।