आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · भाद्रपद
31 अगस्त 2027 का पंचांग
मंगलवार · भाद्रपद अमावस्या
31 अगस्त 2027, मंगलवार को भाद्रपद अमावस्या है, रात 11:11 तक; उसके बाद प्रतिपदा। नक्षत्र मघा है, रात 10:21 तक। सूर्योदय सुबह 5:59 और सूर्यास्त शाम 6:44। राहु काल दोपहर 3:33 से शाम 5:09 तक है। इस दिन भाद्रपद अमावस्या है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
31 अगस्त 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- भाद्रपद अमावस्यारात 11:11 तक, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र
- मघारात 10:21 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी
- योग
- शिवरात 9:37 तक, फिर सिद्ध
- करण
- चतुष्पददोपहर 12:56 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- भाद्रपद (पूर्णिमांत)श्रावण (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- सिंहसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- सिंह
- सूर्योदय
- सुबह 5:59
- सूर्यास्त
- शाम 6:44
- चंद्रोदय
- सुबह 5:16
- चंद्रास्त
- शाम 6:24
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:23 से सुबह 5:11 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:29 से दोपहर 3:20 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:33 से शाम 5:09 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:10 से सुबह 10:46 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:21 से दोपहर 1:57 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अगस्त 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
तिब्बती रामकथा
तिब्बती · उनतालीस में से एक
तिब्बती में मिली रामकथा, जिसके पन्ने दुनहुआंग की उन गुफाओं से मिले जहाँ सदियों तक पुरानी पोथियाँ बंद पड़ी रहीं। यानी यह कथा रेशम वाले रास्ते पर चलते चलते हिमालय के उस पार तक जा पहुँची।