आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · चैत्र
1 अप्रैल 2027 का पंचांग
गुरुवार · चैत्र कृष्ण दशमी
1 अप्रैल 2027, गुरुवार को चैत्र कृष्ण दशमी है, 2 अप्रैल, रात 12:46 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, सुबह 9:26 तक। सूर्योदय सुबह 6:12 और सूर्यास्त शाम 6:39। राहु काल दोपहर 1:59 से दोपहर 3:32 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
अगला त्योहार: चैत्र नवरात्रि आरंभ · गुड़ी पड़वा · उगादी · नवरेह · विक्रम संवत 2084, 7 अप्रैल 2027, बुधवार।
पंचांग
1 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- चैत्र कृष्ण दशमी2 अप्रैल, रात 12:46 तक, फिर एकादशी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ासुबह 9:26 तक, फिर श्रवण
- योग
- शिवसुबह 8:52 तक, फिर सिद्ध
- करण
- वणिजसुबह 11:33 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- चैत्र (पूर्णिमांत)फाल्गुन (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मीन
- सूर्योदय
- सुबह 6:12
- सूर्यास्त
- शाम 6:39
- चंद्रोदय
- रात 2:50
- चंद्रास्त
- दोपहर 1:33
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:36 से सुबह 5:24 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:00 से दोपहर 12:50 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:20 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:59 से दोपहर 3:32 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:12 से सुबह 7:45 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:19 से सुबह 10:52 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
रामावतार
ब्रजभाषा · उनतालीस में से एक
दसम ग्रंथ के चौबीस अवतार में बीसवाँ, राम अवतार। ब्रजभाषा में है और गुरमुखी लिपि में लिखा है, और परंपरा इसे गुरु गोबिंद सिंह की रचना मानती है। यह 1698 में सतलुज के किनारे, नैना देवी पहाड़ी के नीचे पूरा हुआ। इसमें पूरा सुंदरकांड एक ही छंद में है: हनुमान जी अँगूठी लेकर जाते हैं, नगर जलाते हैं, अक्षय कुमार को मारते हैं और लौट आते हैं। इसके आख़िरी सवैया और दोहा आज भी रोज़ रहरास साहिब में पढ़े जाते हैं।