आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन
8 मार्च 2027 का पंचांग
सोमवार · फाल्गुन अमावस्या
8 मार्च 2027, सोमवार को फाल्गुन अमावस्या है, दोपहर 2:59 तक; उसके बाद प्रतिपदा। नक्षत्र शतभिषा है, सुबह 8:35 तक। सूर्योदय सुबह 6:39 और सूर्यास्त शाम 6:25। राहु काल सुबह 8:08 से सुबह 9:36 तक है। इस दिन सोमवती अमावस्या है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
8 मार्च 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- फाल्गुन अमावस्यादोपहर 2:59 तक, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र
- शतभिषासुबह 8:35 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
- योग
- साध्य9 मार्च, रात 2:44 तक, फिर शुभ
- करण
- नागदोपहर 2:59 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कुंभ
- सूर्योदय
- सुबह 6:39
- सूर्यास्त
- शाम 6:25
- चंद्रोदय
- सुबह 6:25
- चंद्रास्त
- शाम 6:30
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:03 से सुबह 5:51 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:09 से दोपहर 12:56 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:17 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 8:08 से सुबह 9:36 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 11:04 से दोपहर 12:32 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:00 से दोपहर 3:29 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मार्च 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
कूर्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
छाया वाली सीता की कथा का पुराना स्रोत। रावण के आने पर अग्नि असली सीता को अपने पास रख लेते हैं, और रावण उनकी छाया ले जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में यही छाया आगे वेदवती से जुड़ती है। यह विचार अध्यात्म रामायण और मानस तक पहुँचा।