आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · मार्गशीर्ष
26 नवंबर 2026 का पंचांग
गुरुवार · मार्गशीर्ष कृष्ण द्वितीया
26 नवंबर 2026, गुरुवार को मार्गशीर्ष कृष्ण द्वितीया है, दोपहर 1:16 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र मृगशिरा है, शाम 5:47 तक। सूर्योदय सुबह 6:52 और सूर्यास्त शाम 5:24। राहु काल दोपहर 1:27 से दोपहर 2:46 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं
अगला त्योहार: विवाह पंचमी · राम सीता विवाह, 14 दिसंबर 2026, सोमवार।
पंचांग
26 नवंबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष कृष्ण द्वितीयादोपहर 1:16 तक, फिर तृतीया
- नक्षत्र
- मृगशिराशाम 5:47 तक, फिर आर्द्रा
- योग
- सिद्धसुबह 7:50 तक, फिर साध्य
- करण
- गरदोपहर 1:16 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- वृषभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- सूर्योदय
- सुबह 6:52
- सूर्यास्त
- शाम 5:24
- चंद्रोदय
- शाम 7:02
- चंद्रास्त
- सुबह 8:45
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:16 से सुबह 6:04 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:47 से दोपहर 12:29 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:54 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:27 से दोपहर 2:46 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:52 से सुबह 8:11 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:30 से सुबह 10:49 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
कण्णस्स रामायणम्
मलयालम · उनतालीस में से एक
मलयालम की उस दौर की रामकथा जिसे निरणम के राम पणिक्कर ने चौदहवीं सदी में रचा, और जिसे कण्णस्स रामायणम् कहते हैं। एषुत्तच्छन से यह पुरानी है, और इसी तरह की रचनाओं ने उस भाषा को कथा कहने लायक बनाया। यह काम निरणम वाले कवियों के नाम से जाना जाता है।