आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · आश्विन
25 अक्टूबर 2026 का पंचांग
रविवार · आश्विन शुक्ल चतुर्दशी
25 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन शुक्ल चतुर्दशी है, सुबह 11:57 तक; उसके बाद पूर्णिमा। नक्षत्र रेवती है, शाम 7:22 तक। सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 5:42। राहु काल शाम 4:18 से शाम 5:42 तक है। इस दिन शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूजा है। समय नई दिल्ली के हैं।
त्योहार
इस दिन के त्योहार और व्रत
पंचांग
25 अक्टूबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन शुक्ल चतुर्दशीसुबह 11:57 तक, फिर पूर्णिमा
- नक्षत्र
- रेवतीशाम 7:22 तक, फिर अश्विनी
- योग
- हर्षणशाम 5:22 तक, फिर वज्र
- करण
- वणिजसुबह 11:57 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मीनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:28
- सूर्यास्त
- शाम 5:42
- चंद्रोदय
- शाम 4:56
- चंद्रास्त
- सुबह 5:22
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:52 से सुबह 5:40 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:57 से दोपहर 2:42 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:18 से शाम 5:42 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:05 से दोपहर 1:29 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:54 से शाम 4:18 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
रामायण कल्पवृक्षम्
तेलुगु · उनतालीस में से एक
तेलुगु की वह रामकथा जिसे विश्वनाथ सत्यनारायण ने बीसवीं सदी में रचा और जिसका नाम है रामायण कल्पवृक्षम्। यह उस समय लिखी गई जब लोग कह रहे थे कि अब पुरानी कथाओं का ज़माना गया। कवि ने वही कथा दोबारा कही, अपने ढंग से, और उसी पर उन्हें ज्ञानपीठ मिला। यह बताता है कि यह कथा किसी पुरानी सदी में बंद नहीं हुई।

