आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · आश्विन
23 अक्टूबर 2026 का पंचांग
शुक्रवार · आश्विन शुक्ल द्वादशी
23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को आश्विन शुक्ल द्वादशी है, दोपहर 2:36 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, रात 9:03 तक। सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 5:44। राहु काल सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 तक है। इस दिन प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
23 अक्टूबर 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आश्विन शुक्ल द्वादशीदोपहर 2:36 तक, फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदरात 9:03 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
- योग
- ध्रुवरात 10:09 तक, फिर व्याघात
- करण
- बालवदोपहर 2:36 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- आश्विन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- तुला
- सूर्योदय
- सुबह 6:27
- सूर्यास्त
- शाम 5:44
- चंद्रोदय
- दोपहर 3:51
- चंद्रास्त
- रात 3:20
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:51 से सुबह 5:39 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:58 से दोपहर 2:43 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:55 से शाम 4:19 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:51 से सुबह 9:16 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अक्टूबर 2026 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
तिब्बती रामकथा
तिब्बती · उनतालीस में से एक
तिब्बती में मिली रामकथा, जिसके पन्ने दुनहुआंग की उन गुफाओं से मिले जहाँ सदियों तक पुरानी पोथियाँ बंद पड़ी रहीं। यानी यह कथा रेशम वाले रास्ते पर चलते चलते हिमालय के उस पार तक जा पहुँची।