पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में · भारत के बाहर

सिद्धि रामायण

Siddhi Ramayan

  • भाषा नेपाल भाषा
  • किसकी सिद्धिदास महाजु
  • कब बीसवीं सदी की शुरुआत
  • कहाँ काठमांडू घाटी

यह कथा

नेपाल भाषा यानी नेवारी में लिखी रामकथा, जिसे सिद्धिदास महाजु ने बीसवीं सदी की शुरुआत में रचा। नेपाल में एक ही समय कई भाषाएँ चलती हैं, और यह उस दूसरी भाषा की रामकथा है, भानुभक्त वाली नेपाली से अलग। एक ही देश, दो ज़बानें, और दोनों में अपनी अपनी रामकथा।

एक नज़र में

सिद्धि रामायण, अपनी लिपि में

सिद्धि रामायण

लिपि
देवनागरी, नेपाल भाषा (नेवारी)
रूप
नेपाल भाषा में पद्य रामायण
समय
सन 1913 में रचा; छपा 2010 में

इस कथा की लंका

  • नेपाल भाषा के जागरण की एक बड़ी रचना; कवि को "महाकवि" कहा जाता है और 1980 में उन पर डाक टिकट भी निकला।
  • लिखी 1913 में गई, पर छपने में लगभग सौ बरस लगे।

स्रोत:

  1. en.wikipedia.org
  2. razenmanandhar.blogspot.com
  3. en.wikipedia.org, 2

सुंदरकांड के पल, इस कथा में

खेल में लंका की किसी जगह पर पहुँचकर वही पल दूसरी रामकथाओं में भी पढ़ा जा सकता है। यह कथा उन पलों को ऐसे कहती है।

इस कथा के 2 और पल खेल के भीतर पढ़े जा सकते हैं: आसमान में लौटती टोली, वाटिका का कोना।

इस कथा से खेल के पत्ते

खेल में ये पत्ते इसी कथा से खुलते हैं। हर पत्ते में एक ऐसी बात है जो बहुत कम लोगों ने सुनी है।

  • छपने में लगे सत्तानवे साल
  • भाषा के चार खंभों में एक
  • कपड़े की दुकान से महाकवि तक
  • रामायण के साथ व्याकरण भी
  • एक देश, दो ज़बानें

खेल में ढूँढो

उपन्यास

यह कथा उनतालीस लंकाओं में से एक है। इन्हीं लंकाओं पर मनु विश्रांति की उपन्यास गाथा बनी है: उनतालीस लंकाएँ।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

सिद्धि रामायण किस भाषा में है?

नेपाल भाषा।

सिद्धि रामायण किसकी रचना है?

सिद्धिदास महाजु।

सिद्धि रामायण कहाँ की है?

काठमांडू घाटी।

सिद्धि रामायण कब की है?

बीसवीं सदी की शुरुआत।