सपनों वाला जंगल · जंगल के नौ जानवर
गिद्ध
सफ़ेद पीठ वाला गिद्ध, भारतीय गिद्ध · White-rumped vulture and Indian vulture
जंगल साफ़ रखता है। फिर भी सब उससे दूर रहते हैं।

पहचान
- कहाँ रहता है
- कर्नाटक के बचे हुए गिद्ध ज़्यादातर बांदीपुर और नागरहोल के आसपास रहते हैं, और मुदुमलाई के पास सिगुर पठार पर सफ़ेद पीठ वाले गिद्ध घोंसले बनाते हैं। भारतीय गिद्ध चट्टानों पर घोंसले बनाते हैं।
- कितना बड़ा
- सफ़ेद पीठ वाला गिद्ध 75 से 85 सेंटीमीटर लंबा होता है, पंख फैलाने पर लगभग दो मीटर। भारतीय गिद्ध 80 से 103 सेंटीमीटर का, पंख फैलाने पर दो मीटर से ज़्यादा।
- क्या खाता है
- मरे हुए जानवर, मवेशियों से लेकर हाथी तक।
सच्ची बातें
गिद्ध का सिर और गर्दन गंजे होते हैं, इसलिए खाने के भीतर तक चोंच डालने पर भी वे साफ़ रहते हैं। 1
इसके पेट का तेज़ाब इतना तेज़ होता है कि सड़े माँस के ख़तरनाक कीटाणु भी मर जाते हैं। 1
यह गरम हवा के सहारे ऊँचा तैरता है, पंख कम ही हिलाता है, और ऊपर से ही अपना खाना देख लेता है। 1
सफ़ेद पीठ वाला गिद्ध खाने की तलाश में एक दिन में 300 किलोमीटर से ज़्यादा उड़ सकता है। 2
लगभग सौ गिद्ध मिलकर 45 किलो के जानवर को लगभग तीन मिनट में साफ़ कर देते हैं। 2
गिद्ध का जोड़ा एक बार में आम तौर पर एक ही अंडा देता है। 2
सिगुर पठार पर सफ़ेद पीठ वाले गिद्धों के 97 प्रतिशत घोंसले अर्जुन के पेड़ों पर मिले। 3
जब भारत के गिद्ध लगभग ख़त्म हो गए, तो मरे जानवर पड़े रहने लगे, और वैज्ञानिकों का अंदाज़ा है कि इससे इंसानों की मौतें 4 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ गईं। 4
किताब से: क्या करें, क्या न करें


इसकी हालत
बहुत गंभीर संकट में (Critically Endangered) 5
मवेशियों को दी जाने वाली दर्द की दवा डाइक्लोफ़ेनाक। इस दवा वाले मवेशी को खाकर गिद्ध मर जाते थे। 1992 से 2007 के बीच सफ़ेद पीठ वाले गिद्ध 99.9 प्रतिशत घट गए। भारत ने 2006 में जानवरों के लिए यह दवा बंद कर दी।
तुम क्या कर सकते हो
जिनके घर मवेशी हैं, उन बड़ों को बताओ कि डाइक्लोफ़ेनाक गिद्धों को मार देती है, और डॉक्टर से गिद्धों के लिए सुरक्षित दवा माँगें।