सपनों वाला जंगल · जंगल के नौ जानवर
चींटीखोर
पैंगोलिन, वज्रशल्क, भारतीय पैंगोलिन · Indian pangolin
सब कहते हैं, यह कोई नहीं है।

पहचान
- कहाँ रहता है
- भारत, बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका में, जहाँ मिट्टी खोदने लायक़ नरम हो। मुदुमलाई और नागरहोल में भी।
- कितना बड़ा
- वज़न लगभग 8 से 17 किलो। इसके शल्क इसके वज़न का चौथाई से तिहाई हिस्सा होते हैं।
- क्या खाता है
- लगभग सिर्फ़ चींटियाँ और दीमक।
- कितना जीता है
- चिड़ियाघर में सबसे ज़्यादा 19 साल से ऊपर जिया। जंगल में इसे 20 साल से ज़्यादा जीने वाला माना जाता है।
सच्ची बातें
इसके शल्क केराटिन से बने होते हैं, उसी चीज़ से जिससे हमारे नाख़ून बनते हैं। 1
इसके एक भी दाँत नहीं होता। 2
इसकी चिपचिपी जीभ लगभग 42 सेंटीमीटर लंबी होती है और मुँह से 25 सेंटीमीटर तक बाहर निकल आती है। 2
खाते वक़्त यह अपनी नाक और कान बंद कर लेता है, ताकि चींटियाँ भीतर न घुसें। 1
डर लगने पर यह लिपटकर शल्कों की एक कसी हुई गेंद बन जाता है। 3
इसका बच्चा नरम शल्कों के साथ पैदा होता है, जो लगभग दो दिन में सख़्त हो जाते हैं, और वह माँ की पूँछ पर सवार होकर घूमता है। 1
भारतीय पैंगोलिन इतने ताक़तवर खोदने वाले हैं कि कंक्रीट खोदकर घरों में घुसते देखे गए हैं। 4
किताब से: क्या करें, क्या न करें


इसकी हालत
गंभीर संकट में (Endangered) 5
शल्कों और माँस के लिए शिकार और तस्करी। पैंगोलिन दुनिया में सबसे ज़्यादा तस्करी किए जाने वाले स्तनधारी हैं। भारत में 2018 से 2022 के बीच कम से कम 1,203 पैंगोलिन की तस्करी हुई।
तुम क्या कर सकते हो
पैंगोलिन के शल्क या उनसे बनी कोई दवा कभी मत ख़रीदो। वे शल्क बस केराटिन हैं, हमारे नाख़ूनों जैसे।